शिवानी (कक्षा 3 की छात्रा )
लोधियागैर नाम के गांव में आम का एक बगीचा था। उस बगीचे में बहुत सारे आम लगे थे। एक दिन गांव में ही रहने वाले दो बच्चे राजू ने आम खाने की सोची। वह आम तोड़ने के लिए बगीचे में गए । आम को पेड़ के बहुत ऊपर देखकर उसने आम तोड़ने के लिए पत्थर उठाया और आम तोड़ने लगा। एक पत्थर सीधे आम में जा लगा और आम टूट कर जमीन में गिर गया। आम को जमीन में गिरा देख जैसे ही राजू उसे उठाने के लिए आगे बढ़ा तभी अचानक एक कौआ वहाँ आया। कौव्वे ने अपनी चोंच में आम को दबा लिया और उसे लेकर वह वहाँ से उड़ गया। यह देख राजू कौव्वे के पीछे भागा। कौआ आगे-आगे उड़ रहा था और राजू उसका पीछा कर रहा था। अचानक कौव्वे की चोंच से आम छूटकर मधुमक्खी के छत्ते में जा गिरा। छत्ते में आम गिरने से सारी मधुमक्खियां यहाँ-वहाँ उड़ने लगी। यह देख राजू डर के मारे भाग गया। वह आम न कौव्वे को मिला और न ही राजू को।
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